डा.महेश सिंह चौहान का 78 वाँ बलिदान दिवस को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धाजलि देकर उन्हें याद किया
ब्यूरो चीफ अनिल अवस्थी
औरैया मुरादगंज क्षेत्र के ग्राम जगतपुर में औरैया चंबल घाटी के भगत सिंह नाम से विख्यात क्रांतिकारी डा. महेश सिंह चौहान की शहादत को आज 78 वें साल पूरे होने उनकी प्रतिमा पर उनके छोटे भाई देवेंद्र सिंह चौहान एड. ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धाजलि देते हुये उनके क्रन्तिकारी जीवन का परिचय देते हुये बताया कि चंबल के पचनदा क्षेत्र के चकरनगर के निकट यमुना नदी के किनारे स्थित तेजपुर गांव में जन्म 1923 में डॉ.महेश सिंह चौहान ने जन्म लिया था, जिनके पिता जसवंत सिंह प्रथम विश्वयु्द्ध के दौरान राजपूत रेजीमेंट में थे। चम्बल क्षेत्र में नवयुवकों को पकड़ कर जबरन फौज में भर्ती किया जा रहा था. जसवंत सिंह 10 वीं के छात्र थे। वे भी फ़ौज में भर्ती हो गए। मोर्चे से लौट कर उन्होंने जिले में कांग्रेस की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान किया।महात्मा गांधीजी के कहने पर जसवंत सिंह भारतीय चरखा संघ से जुड़े थे। गांधीजी ने 1927 में भरथना और कंचौसी व इटावा में जनसभाओं को संबोधित किया था। इन सभाओं के अयोजन में उनकी खास भूमिका थी. वे सिविल नाफरमानी आंदोलन के दौरान गिफ्तार हुए. एक वर्ष का सश्रम कारावास और 300 रुपए अर्थदंड, न चुकाने पर तीन माह के और कारावास का दंड मिला था, इसी कृम में युवा समाज सेवी एवं मीडिया अधिकार मंच भारत राष्ट्रीय अध्यक्ष सतेन्द्र सेंगर ने डा महेश सिंह चौहान को श्रद्धाजलि देते हुये शहीद स्थलीय पर अबैध अतिक्रमण एवं उसकी बदहाली पर भारी रोष व्यक्त करते हुये कहा इनकी जयंती और श्रद्धाजलि मना लेने से हमारा व हमारे समाज कल्याण नहीं होगा हम सबको एकजुट होकर पहले तो इस शहीद स्थलीय सहेजने सवाँरने के बाद ही शहीद को सच्ची श्रद्धाजलि होगी, कार्यक्रम में वक्तागणों की कड़ी में बाबू राम निराला, राम किशोर, कृपा शंकर राजपूत, अशोक कुमार, राज कुमार, सूरज रेखा त्रिपाठी एड. भिंड, राम लखन राजपूत, अशोक कुमार असफल, धीरेन्द्र भदौरिया, सतेन्द्र सेंगर राष्ट्रीय मीडिया अधिकार मंच, सोबरन सिंह कुशवाहा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, गजेंद्र सिंह, रिसभ चौहान, देवेन्द्र सिंह चौहान एड भिंड की मौजूदगी में सम्पन्न हुई है,
डा.महेश सिंह चौहान का 78 वाँ बलिदान दिवस को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धाजलि देकर उन्हें याद किया
